मेरठ: उत्तर प्रदेश पुलिस और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा के बीच तकनीकी समन्वय ने एक बार फिर एक युवक को नया जीवन दे दिया। मेरठ के सरधना क्षेत्र में रहने वाले 25 वर्षीय युवक ने प्रेम संबंध टूटने के बाद कथित तौर पर आत्महत्या का प्रयास किया और उससे पहले इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट कर दिया। वीडियो पोस्ट होते ही सक्रिय हुई तकनीकी निगरानी व्यवस्था और यूपी पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने महज 8 मिनट में युवक तक पहुंचकर उसकी जान बचा ली।
जानकारी के अनुसार, 7 जून 2026 को युवक ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह एक शीशी से सफेद रंग का संदिग्ध तरल पदार्थ पीता दिखाई दे रहा था। वीडियो के साथ उसने भावनात्मक संदेश भी लिखा। पोस्ट अपलोड होते ही मेटा के सुरक्षा तंत्र ने इसे संभावित आत्महत्या संबंधी सामग्री के रूप में चिन्हित कर लिया।
मेटा का अलर्ट मिलते ही हरकत में आई पुलिस
वीडियो की पहचान होने के बाद मेटा ने तत्काल ईमेल और फोन के माध्यम से लखनऊ स्थित पुलिस महानिदेशक मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर को इसकी सूचना दी। पुलिस मुख्यालय स्तर पर अलर्ट मिलने के बाद सोशल मीडिया टीम ने उपलब्ध मोबाइल नंबर के आधार पर युवक की लोकेशन का पता लगाया और सूचना मेरठ पुलिस को भेजी।
सूचना मिलते ही सरधना थाना पुलिस सक्रिय हुई और उपनिरीक्षक के नेतृत्व में टीम युवक के घर के लिए रवाना हो गई। पुलिस टीम महज 8 मिनट के भीतर युवक के घर पहुंच गई।
मौके पर गंभीर हालत में मिला युवक
पुलिस जब युवक के घर पहुंची तो उसकी हालत बेहद नाजुक बताई गई। वह लगातार उल्टियां करने का प्रयास कर रहा था और उसके पास संदिग्ध तरल पदार्थ की शीशी भी पड़ी हुई थी। पुलिसकर्मियों ने समय गंवाए बिना परिजनों की मदद से युवक को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने तुरंत उपचार शुरू किया, जिसके बाद उसकी हालत में सुधार आया और जान बचाई जा सकी। पूछताछ में सामने आया कि युवक दसवीं तक पढ़ा है और मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता है। प्रेमिका से ब्रेकअप के बाद मानसिक तनाव में आकर उसने यह कदम उठाने की कोशिश की थी।
काउंसलिंग के बाद घर लौटा युवक
स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद युवक की काउंसलिंग भी कराई गई। पुलिस अधिकारियों ने उससे बातचीत कर भविष्य में ऐसा कदम न उठाने की सलाह दी। युवक ने भी दोबारा ऐसा न करने का आश्वासन दिया। परिजनों ने समय पर मदद पहुंचाने के लिए यूपी पुलिस और संबंधित एजेंसियों का आभार व्यक्त किया।
3011 लोगों की जान बचा चुकी है यह पहल
उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा के बीच आत्महत्या रोकथाम से जुड़ी यह पहल वर्ष 2022 से संचालित की जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी 2023 से 31 मई 2026 के बीच इस व्यवस्था के माध्यम से 3011 लोगों की जान बचाई जा चुकी है।
इस नवाचार और प्रभावी कार्यप्रणाली के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस को ‘SKOCH Award-2025’ और ‘The Economic Times GovTech Awards-2026’ जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से भी नवाजा जा चुका है।
